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बदलते मौसम के साथ लोग बीमार कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ हो जाते हैं?
चिकितà¥à¤¸à¤¾ अनà¥à¤¸à¤‚धान के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, अधिकांश बड़े लोग सरà¥à¤¦à¥€ से साल में 2-4 बार और बचà¥à¤šà¥‡ 5-7 बार पीड़ित होते हैं। यह मोटे तौर पर à¤à¤• वरà¥à¤· के à¤à¥€à¤¤à¤° कई बार मौसम परिवरà¥à¤¤à¤¨ के साथ मेल खाता है। पारसà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤• संबंध होने का यह à¤à¤• कारण है।
हर बार जब हम मौसम में बदलाव का निरीकà¥à¤·à¤£ करते हैं, तो वातावरण में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की गिनती लगà¤à¤— 200 वायरस तक हो जाती है।
ये वायरस मौसम की वजह से लोगों में आने के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होते हैं। ठंड के सबसे आम लकà¥à¤·à¤£ जो देखे जा सकते हैं:
à¤à¤°à¤¾ नाक
गले में खराश
छींक आना
आà¤à¤–ों में पानी
नाक से गले में बलगम का जाना
तेज बà¥à¤–ार या मांसपेशियों में दरà¥à¤¦
मौसम के बदलाव से तबीयत खराब कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ हो जाती है?
जब à¤à¥€ मौसम बदलता है तो लोग जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मौसम को थोड़ा महसूस करते हैं। तापमान में बदलाव वायरस के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ समूहों को पनपने के लिठà¤à¤• उपयà¥à¤•à¥à¤¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है जो बाद में संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोगों को फैलाता है।
वायरसों में सबसे आम मानव राइनोवायरस (à¤à¤šà¤†à¤°à¤µà¥€) है जो सà¤à¥€ तबीयत खराब होने के 40 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक के मामलों का कारण बनता है। वे ठंडे मौसम में पनपते हैं, जैसे कि वसंत और सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में।
गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में मौसमी à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ वाले लोगों में बहती नाक और आà¤à¤–ों में खà¥à¤œà¤²à¥€ होती है जब वे पराग, फफूंदी या घास के पास होते हैं। उनकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ इन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करने में वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ हो जाती है जिससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ वायरल हमलों की चपेट में आ जाता है।
इनà¥à¤«à¥à¤²à¥à¤à¤‚जा वायरस फà¥à¤²à¥‚ का कारण बनता है जो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ और फैलता तब है जब हवा सरà¥à¤¦ और शà¥à¤·à¥à¤• होती है जैसे की सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में।
लेकिन कà¥à¤› मामूली सावधानियों और जीवनशैली में बदलाव के साथ मौसमी बीमारी को चकमा देना आपके लिठसंà¤à¤µ है।
फà¥à¤²à¥‚ की दवा लें
राइनोवायरस के लगà¤à¤— 100 जà¥à¤žà¤¾à¤¤ उपà¤à¥‡à¤¦ हैं जिसका अरà¥à¤¥ है कि à¤à¤• टीका नहीं बनाया जा सकता है। चूंकि वायरस लगातार à¤à¤• फà¥à¤²à¥‚ के मौसम से दूसरे में बदल रहे होते है, इसलिठयह सलाह दी जाती है कि आप सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठफà¥à¤²à¥‚ का à¤à¤• शॉट लें।
अचà¥à¤›à¥‡ साफ सफाई का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें
राइनोवायरस शरीर के बाहर 3 घंटे तक जीवित रहता है, और कà¤à¥€-कà¤à¥€ दरवाजे के हैणà¥à¤¡à¤² या सà¥à¤µà¤¿à¤š जैसी सतहों पर 48 घंटे तक रह सकता है। इस पà¥à¤°à¤•ार अपने हाथों को नियमित रूप से धोना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है और संकà¥à¤°à¤®à¤£ से खà¥à¤¦ को बचाने और संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ खतरों को दूर रखने के लिठअपने चेहरे को छूने से बचें।
वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
जो लोग नियमित रूप से वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करते हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने का कम जोखिम होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह आपकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को बढ़ा देता है।
अचà¥à¤›à¤¾ खाà¤à¤‚ और उचित आराम करें
अचà¥à¤›à¥€ तरह से संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार खाने, à¤à¤°à¤ªà¥‚र नींद लेने और तनाव को नियंतà¥à¤°à¤£ में रखने से आप मौसमी बीमारी से बेहतर तरीके से निपट सकते हैं।
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